जो लोग खुद को हमेशा कम आँकते हैं, उनके दिमाग में क्या चलता है?
“यह छोड़ने की बात नहीं है। अगर आप छोड़ सकते, तो छोड़ ही देते। शायद ‘छोड़ दो’ कहने के बजाय हमें ‘जैसा है, वैसा रहने दो’ कहना चाहिए।” लंबे समय तक मुझे यही लगता रहा कि व्यस्त दिमाग एक समस्या है। ऐसा दिमाग जो कभी शांत न हो, जो हर पल कुछ न कुछ सोचता … Read more